0 6197 0 June 19, 2017
दिल्ली के अस्पतालों से लगातार दवाइयों को लेकर मिल रही शिकायतों और अन्य अनियमितताओं को लेकर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को बवान स्थित महर्षि वाल्मीकि अस्पताल का औचक निरीक्षण किया।
केजरीवाल मरीजों से दवाई की पर्ची लेकर खुद लाइन में लग गए। हैरत की बात यह रही कि दवा की लाइन में लगे सीएम को भी दवा नहीं मिली। मुख्यमंत्री को बताया गया कि डॉक्टरों की लिखी गई दवा अस्पताल में उपलब्ध नहीं है। लिखी हुई दवा न मिलने पर सीएम ने अधिकारियों की जमकर क्लास लगाई। निरीक्षण के बाद केजरीवाल ने कहा कि अपने दौरे के दौरान मुझे यह पता चला कि मरीजों को बेहद सामान्य से परीक्षण, दवाएं व दूसरी चीजें अस्पताल के बाहर से कराने और खरीदने को कहा गया।
आप ने सामने रखे टॉक टू एके मामले से जुड़े तथ्य, कहा- मोदी सरकार ले रही बदला निरीक्षण के दौरान मुफ्त दवाओं और नैदानिक परीक्षणों की निर्धारित नीति का सही तरह से अनुपालन नहीं किए जाने पर सीएम ने नाखुशी जाहिर करते हुए अधिकारियों को जमकर लताड़ लगाई। सीएम ने कहा कि डॉक्टर मरीजों को वो दवाइयां लिख रहे हैं जो अस्पताल की फॉर्मेसी की लिस्ट में भी मौजूद नहीं है। इसका मतलब है कि निचले स्तर पर नीतियों को लागू नहीं किया जा रहा है। मुख्यमंत्री के साथ स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन समेत स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी भी रहे। केजरीवाल ने अधिकारियों को ऐसे और औचक निरीक्षणों के लिए तैयार रहने को कहा। बता दें कि कुछ समय पहले ही मुख्यमंत्री केजरीवाल ने मुख्य सचिव को निर्देश दिया था कि वह दिल्ली सरकार के सभी अस्पतालों में दवाओं, जरूरी वस्तुओं और उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करें।
निरीक्षण के दौरान केजरीवाल ने वॉर्ड और दवा केंद्र के अलावा सभी विभागों का दौरा किया। केजरीवाल ने कहा कि सभी दवाएं और मेडिकल टेस्ट दिल्ली के सरकारी अस्पतालों में मुफ्त उपलब्ध होते हैं, लेकिन अस्पतालों के औचक निरीक्षण के दौरान कई कमियां मिली हैं। उन्होंने स्वास्थ्य अधिकारियों को इन कमियों को दुरुस्त करने का निर्देश दिया और कहा कि वे श्रेष्ठ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
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